सिंधु घाटी सभ्यता विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक थी। इसे हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है। इसका विकास लगभग 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व के बीच हुआ।
भौगोलिक विस्तार
मुख्य रूप से सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे
वर्तमान पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात)
प्रमुख नगर
हड़प्पा
मोहनजोदड़ो
धोलावीरा
कालीबंगा
लोथल
राखीगढ़ी
नगर योजना की विशेषताएँ
पक्की ईंटों से बने घर
सीधी सड़कों का जाल (Grid System)
उन्नत नालियाँ और जल निकासी व्यवस्था
महान स्नानागार (Great Bath) – मोहनजोदड़ो में
आर्थिक जीवन
मुख्य पेशा: कृषि (गेहूँ, जौ, कपास)
पशुपालन: गाय, भैंस, भेड़
व्यापार: मेसोपोटामिया से व्यापार के प्रमाण
नाप-तौल की विकसित प्रणाली
धार्मिक जीवन
मातृदेवी (Mother Goddess) की पूजा
पशुपति शिव जैसी मूर्तियाँ
वृक्ष और पशु पूजन
लिपि
सिंधु लिपि अब तक पूरी तरह पढ़ी नहीं जा सकी
मुहरों (Seals) पर लिखी गई
पतन के कारण (संभावित)
नदियों का मार्ग बदलना
बाढ़ या सूखा
पर्यावरणीय परिवर्तन
आर्थिक और व्यापारिक गिरावट
महत्व
भारत की पहली नगर सभ्यता
उन्नत शहरी जीवन का उत्कृष्ट उदाहरण
भारतीय इतिहास की मजबूत नींव
